📈 प्लैटिनम की कीमत: वर्तमान स्थिति और हाल की तेजी
2025 में प्लैटिनम (Platinum) ने कीमती धातुओं के बाजार में तहलका मचा दिया है। वैश्विक स्तर पर इसकी कीमत में अब तक बड़े उछाल देखे गए हैं, जो इसे सोना और चांदी की तुलना में भी बेहतर परफॉर्मर बनाते हैं।
2025 रिटर्न: कई रिपोर्टों के अनुसार, प्लैटिनम ने साल भर में लगभग 70% से 150% तक की तेजी दी है, जो सोने और चांदी की बढ़त से भी आगे है।
रिकॉर्ड प्राइस रेंज: कुछ विदेशी स्रोतों ने कहा है कि स्पॉट प्राइस पहले दशक में उच्च स्तर तक पहुंचा है — करीब $2,600+ प्रति औंस — यह सप्लाई-डिमांड इम्बैलेंस और निवेश मांग से प्रेरित है।
इस तेजी के प्रमुख कारणों में सप्लाई में कमी, उद्योगों में बढ़ती मांग, और निवेशक आकर्षण शामिल हैं।
📍 आज की प्लैटिनम कीमत (भारत में)
📌 26 जनवरी 2026 का भाव
- 🇮🇳 प्लैटिनम की कीमत: ₹8,182 प्रति ग्राम
- 🇮🇳 ₹81,820 प्रति 10 ग्राम
🇮🇳 ₹8,18,200 प्रति 100 ग्राम
💡 यह आधार कीमत है और अलग-अलग शहरों में मेकिंग चार्ज आदि जोड़ने पर रिटेल प्राइस थोड़ा अलग हो सकती है।
📍 किसी रिपोर्ट के मुताबिक 26 जनवरी को ही दैनिक आधार पर कीमत में बढ़ोतरी का भी ट्रेंड देखा गया, जहां 1 ग्राम का रेट ₹8,427 तक पहुंचा था (पिछले दिन के मुकाबले अधिक)।
📊 प्लैटिनम कीमत का हालिया ट्रेंड (जनवरी 2026)
तारीख | 1 ग्राम का भाव (लगभग) |
15 Jan 2026 | ₹7,014 |
19 Jan 2026 | ₹6,786 |
24 Jan 2026 | ₹7,178 |
26 Jan 2026 | ₹8,182 |
📈 यह डेटा दिखाता है कि जनवरी 2026 में प्लैटिनम की कीमतों में एक स्थिर गति से वृद्धि देखी जा रही है — जो बेहतर ग्लोबल मार्केट और निवेश भावना के कारण हो रही है।
✍️ कैसे तय होती है प्लैटिनम की कीमत?
💹 प्लैटिनम का भारत में भाव मुख्यतः
⭐ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में धातु की कीमत
⭐ USD/INR विनिमय दर
⭐ आयात शुल्क और कर
⭐ स्थानीय ज्वैलरी मेकिंग चार्ज
के आधार पर तय होता है।
📌 उदाहरण के लिये, अगर अंतरराष्ट्रीय रेट बढ़ता है और रुपये की विनिमय दर कमजोर होती है, तो भारत में प्लैटिनम की दर स्वतः बढ़ जाती है।
📌 MCX प्लैटिनम और निवेश
📈 हाल के रुझानों से पता चलता है कि प्लैटिनम की कीमतों में वैश्विक स्तर पर भी जबरदस्त तेजी आई है, खासकर 2025 के अंत और 2026 के शुरू में।
📊 Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार कई कीमती धातुओं — जैसे सिल्वर, सोना और प्लैटिनम — ने 2025 के अंत में रिकॉर्ड स्तर छुए हैं, मुख्य रूप से सप्लाई-डिमांड इम्बैलेंस और निवेशकों के रोटेशन के कारण।
📊 MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर प्लैटिनम फ्यूचर्स ट्रेडिंग भी तेजी से सक्रिय है और निवेशक इसे विविध पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में देख रहे हैं।

📊 डिमांड-सप्लाई डायनेमिक्स: सप्लाई डिफिसिट और मांग का विस्तार
🔹 सप्लाई में कमी
प्लैटिनम की सप्लाई लंबे समय से कम रही है। कई विशेषज्ञों ने कहा है कि सप्लाई में कमी और उत्पादन में गिरावट से लगातार कई वर्षों तक डिमांड > सप्लाई जैसा imbalance बना हुआ है, जिससे कीमतें ऊपर की ओर बढ़ीं।
🔹 डिमांड के प्रमुख स्रोत
प्लैटिनम की मांग सिर्फ ज्वैलरी तक सीमित नहीं है — इसका सबसे बड़ा उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल कैटेलिटिक कन्वर्टर्स, ग्रीन टेक्नोलॉजी (Hydrogen fuel cells) और रसायन/ग्लास सेक्टर में होता है।
- हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था: हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा प्रणालियों में प्लैटिनम का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है — अनुमान है कि 2030 तक हाइड्रोजन परियोजनाओं के कारण प्लैटिनम की मांग बहुत बढ़ सकती है।
- औद्योगिक उपयोग: औद्योगिक मांग प्लैटिनम के कुल उपयोग का लगभग बड़ा हिस्सा बन चुकी है, खासकर ग्रीन टेक्नोलॉजीज में।
🔮 भविष्य की मांग और कीमत का अनुमान (2026 और उसके आगे)
📌 विश्लेषकों की भविष्यवाणियाँ
2026 में भी प्लैटिनम के लिए सकारात्मक रुझान है, लेकिन सप्लाई-डिमांड में कुछ बदलाव के संकेत मिलते हैं:
- कुछ सर्वे और रिपोर्टें कहती हैं कि 2026 में कीमत औसतन करीब $1,550-$1,670/औंस हो सकती है — यानी अभी के उच्च स्तर को देखते हुए थोड़ा मध्यम लेकिन मजबूत स्तर।
- सप्लाई कुछ मामलों में बढ़ सकती है, जिससे सप्लाई-डेटिफिसिट कम होने की संभावना भी है, लेकिन कुल मांग अभी भी उच्च बनी रहने का अनुमान है।
📌 लॉन्ग टर्म ट्रेंड
2030 तक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, FCEVs (Fuel Cell Electric Vehicles) और ग्रीन टेक्नोलॉजी में निवेश के कारण प्लैटिनम की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
💡 निवेशकों और उद्योगों के लिए प्रासंगिक संकेत
🟢 निवेशकों के लिए
- प्लैटिनम की कीमतें जबर्दस्त तेजी दिखा चुकी हैं और कई निवेशकों के लिए यह सोना-चांदी का विकल्प बन रही है।
- Exchange Traded Funds (ETFs) और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत भी निवेश मांग को बढ़ावा दे रही है।
🔴 जोखिम कारक
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बदलाव, और सप्लाई में सतत परिवर्तन, भविष्य के प्राइस रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।
✍️ निष्कर्ष
प्लैटिनम ने 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है और आने वाले वर्षों में भी इसकी उद्योगिक मांग और निवेश आकर्षण इसे महत्वपूर्ण धातु बनाता दिखता है। सप्लाई-डिमांड में संतुलन और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था से जुड़ी नई तकनीकों की वृद्धि से यह धातु भविष्य में और भी चर्चा में रहेगी। इसलिए निवेशकों और उद्योग प्रतिभागियों को इसे गंभीरता से देखने की सलाह दी जाती है।
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